Published On: Fri, Feb 2nd, 2018

बजट में ग्रामीण विकास,स्वास्थ्य और शिक्षा…

आम चुनाव से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने अंतिम पूर्ण बजट को खेती-बाड़ी, गांवों व गरीब-गुरबों पर केंद्रित रखा। आर्थिक के साथ-साथ्ा बजट सियासी भी रहा। गांवों को याद करते हुए जहां जेटली ने कृषि संबंधी वादों का ऐलान हिंदी में किया, वहीं मध्य वर्ग को लुभाने के लिए कोई खास घोषणा नहीं की।
बजट में ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे सामाजिक क्षेत्रों के लिए आवंटन बढ़ाने के साथ लघु उद्योगों के लिए रियायतों की घोषणा की गयी। आयकर छूट सीमा में बढ़ोतरी और टैक्स स्लैब में बदलाव की आस लगाये वेतनभोगियों और मध्य वर्ग के लोगों को निराशा हाथ लगी। वित्त मंत्री जेटली ने 2018-19 के बजट में व्यक्तिगत आयकर की दरों और स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया। बल्कि, सभी कर योग्य आय पर स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर (सेस) 3 से बढ़ाकर 4 फीसदी करने का प्रस्ताव किया। नौकरी पेशा और पेंशनभोगियों को राहत के नाम पर 40 हजार रुपये की मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) देने की घोषणा की गयी। लेकिन इस कटौती के बाद इस समय वेतन के साथ मिलने वाले परिवहन और सामान्य चिकित्सा भत्ते पर कर की छूट खत्म हो जाएगी। फिलहाल 19,200 रुपये तक के परिवहन भत्ते और 15,000 रुपये तक के चिकित्सा व्यय पर कोई कर नहीं लगता। इस 34,200 रुपये के फायदे के बदले 40 हजार की मानक कटौती की छूट मिलेगी। यानी साल में कुल फायदा मात्र 5800 रुपये होगा। हालांकि, दिव्यांगों के लिए परिवहन भत्ता जारी रहेगा।
वहीं, 50 करोड़ जरूरतमंद लोगों को ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। रबी की फसलों की तरह खरीफ की फसलों पर भी किसानों को उत्पादन लागत का डेढ़ गुना ज्यादा न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने की घोषणा की गयी। उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन और सौभाग्य योजना के तहत 4 करोड़ बिजली कनेक्शन दिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि भाजपा नीत एनडीए सरकार का कार्यकाल अगले साल समाप्त हो रहा है और इसके पहले इस साल कुछ बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव भी होने जा रहे हैं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना तब तक संभव नहीं है जब तक कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 12 प्रतिशत तक नहीं पहुंच जाती। इससे पहले, सिंह ने कहा था कि यह देखना होगा कि सरकार अपने वादों को कैसे पूरा करेगी।
बड़े वोट बैंक को साधने की कोशिश के साथ-साथ वित्त मंत्री जेटली ने यह भी कोशिश की कि राजकोषीय घाटा 3.3 फीसदी से अधिक नहीं हो। जेटली ने अति धनाढ्यों पर 10 से 15 फीसदी अधिभार जारी रखा है। वहीं, 250 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों के लिए कंपनी कर 30 से घटाकर  25 फीसदी करने की घोषणा की गयी है।

न्यू इंडिया का विजन होगा मजबूत
10102868CD _MRB_DEL_BJP PARLIAMENTARY PARTY MEETING__4प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय बजट को ‘विकास अनुकूल’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह ‘न्यू इंडिया’ के विजन को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि बजट में सभी क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है। मोदी ने कहा, ‘बजट किसान अनुकूल, आम लोगों के अनुकूल, कारोबारी माहौल के अनुकूल और विकास अनुकूल है।’ वित्त मंत्री अरुण जेटली और उनकी टीम को बधाई देते हुए मोदी ने कहा बजट लोगों के जीवनयापन को सुगम बनाएगा तथा कारोबार करने में भी सुगमता लाएगा। अब गांवों को ग्रामीण हाट, उच्च शिक्षा केंद्र और अस्पतालों से जोड़ने का काम भी किया जाएगा। 

किसानों को लुभा ही रही सरकार
rah copyकांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि मोदी सरकार चार साल बाद भी बजट में किसानों को उपज का उचित मूल्य देने के नाम पर लुभा रही है। लोकसभा से निकलते वक्त किसी तरह की प्रतिक्रिया दिये बगैर निकल गये कांग्रेस अध्यक्ष ने बाद में ट्वीट किया, चार साल बीत गए हैं, लेकिन अब भी किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य का वादा किया जा रहा है। हमारे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर नहीं हैं। गनीमत है कि अब सिर्फ एक साल ही बाकी रह गया है।’

24,42,213 करोड़ रुपये का बजट। राजकोषीय घाटा जीडीपी के 3.3 फीसदी तक रखने का लक्ष्य

बजट के बाद सेंसेक्स 460 अंक तक लुढ़क गया। अंत में यह 58.36 अंक की गिरावट के साथ 35,906 पर बंद हुआ।

पेट्रोल-डीजल सस्ता नहीं  बजट में जितनी एक्साइज ड्यूटी घटाई, उतना सेस बढ़ा।

रक्षा 2.95 लाख करोड़ 
रक्षा बजट के लिए 2.95 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गये हैं। यह पिछले साल की तुलना में 7.81 फीसदी ज्यादा है। यह राशि कुल बजट का 12.10 फीसदी है। बृहस्पतिवार को संसद में पेश आम बजट में सेना के तीनों अंगों के लिए नए हथियारों, विमानों, जंगी जहाजों और अन्य सैन्य साजो-सामान की खरीद के लिए 99947 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। यानी इस राशि से सेना का आधुनिकीकरण होगा। इसके अलावा 195947 करोड़ रुपये वेतन, प्रतिष्ठानों के रखरखाव और अन्य से संबंधित हैं। इन आवंटनों से इतर 108853 करोड़ रुपये की एक पृथक राशि का प्रावधान किया गया है।

उद्योग  कर 5 फीसदी कम 
जेटली ने 250 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले उद्यमों के लिये कंपनी कर 30 से घटाकर 25 प्रतिशत करने की घोषणा की। शेयरों की बिक्री से एक लाख रुपये से अधिक पूंजी लाभ पर कर लगाने का प्रस्ताव किया। बजट में शेयरों की बिक्री से एक लाख रुपये से अधिक के पूंजी लाभ पर 10 प्रतिशत कर का प्रस्ताव किया गया है। बजट में इक्विटी वाले म्यूचुअल फंड में वितरित आय पर 10 प्रतिशत कर का भी प्रस्ताव है। कपड़ा क्षेत्र के लिए 7148 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। नये प्रस्ताव के तहत अब कंपनियों का भी आधार कार्ड बनेगा।  वित्त मंत्री ने कहा, ‘सरकार कंपनियों को एक यूनीक आईडी देने की योजना लाएगी।’
महिलाएं

महिलाएं योजनाओं का दायरा बढ़ा
बजट में महिलाओं के लिए की गयी घोषणाओं में उज्ज्वला योजना के तहत तीन करोड़ नए मुफ़्त गैस कनेक्शन दिया जाना महत्वपूर्ण है। यानी योजना का लाभ अब आठ करोड़ महिलाओं को मिलेगा। आठ करोड़ शौचालयों के निर्माण की योजना का खाका भी पेश किया गया। साथ ही सुकन्या समृद्धि योजना को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। राष्ट्रीय ग्रामीण जीविका कार्यक्रम के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को प्रोत्साहन दिया जायेगा। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत 280 करोड़ रुपये आवंटन का प्रस्ताव है। मातृत्व लाभ कार्यक्रम के लिए 2400 करोड़ रुपये निर्धारित किये गए हैं। निर्भया कोष के लिए कार्यक्रम का आवंटन बढ़ाकर 19.75 करोड़ रुपये किया गया है।

युवा रोजगार, खेल पर जोर

मुद्रा योजना के लिए 3 लाख करोड़ रुपए की घोषणा की गयी है। वित्त मंत्री ने कहा कि अब तक इस वित्तीय वर्ष में 70 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार अगले तीन साल तक सभी क्षेत्रों के लिए कर्मचारी भविष्‍य निधि (ईपीएफ) में नए कर्मचारियों के लिये दिये जाने वाले 12 फीसदी योगदान को जारी रखेगी। महिला कर्मचारियों का योगदान घटाकर 8 फीसदी करने का प्रस्‍ताव है। हालांकि, नियोक्‍ता के योगदान में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।’ खेल मंत्रालय के बजट में 258.19 करोड़ रुपये की बढोतरी की है। ‘खेलो इंडिया’ योजना के लिये करीब 520 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव है।

बुजुर्ग  छूट की सौगात
वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न जमा योजनाओं से प्राप्त आय पर कर छूट की सीमा पांच गुना बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दी गयी है। धारा 80डी के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम या चिकित्सा व्यय हेतु कटौती सीमा को 30 से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया है। 80 डीडीबी के तहत गंभीर बीमारियों के उपचार पर खर्च कटौती सीमा (60 से 80 वर्ष उम्र) 60 से बढाकर 80 हजार रुपए की गई है। 80 वर्ष से अधिक उम्र पर यह सीमा एक लाख रुपए होगी। प्रधानमंत्री वय वंदना योजना को मार्च 2020 तक बढाने का प्रस्ताव किया गया है। इसमें मौजूदा निवेश सीमा को साढ़े सात लाख से बढाकर 15 लाख रुपए किया गया है। इसमें आठ प्रतिशत ब्याज दिया जाता है।

आम बजट 2018-19

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