Published On: Mon, Oct 23rd, 2017

अर्थव्यवस्था पटरी पर और सही दिशा में है- PMमोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के भावनगर जिले के घोघा और भरूच जिले के दाहेज के बीच 615 करोड़ रुपये की रोल-ऑन रोल ऑफ (रो-रो) फेरी सेवा का उद्घाटन किया। इस सेवा से 307 किलोमीटर की दूरी महज 31 किलोमीटर की रह जाएगी। घोघा और दाहेज के बीच की यह दूरी पहले सड़क के रास्ते आठ घंटे में तय की जाती थी, रोल-ऑन रोल ऑफ सेवा से यह दूरी अब मात्र एक घंटे में तय की जाएगी।

एक महीने में पांचवीं बार गुजरात दौरे पर पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर जीएसटी और नोटबंदी का बचाव करते हुए कहा कि कठिन सुधारों के बाद अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है और सही दिशा में आगे बढ़ रही है। हमने कड़े फैसले लिये हैं और ऐसा करना जारी रखेंगे। दाहेज में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि काफी अर्थशास्त्री इस बात पर सहमत हैं कि अर्थव्यवस्था की बुनियाद मजबूत है। हमने अर्थव्यवस्था के लिए कड़े फैसले लिए हैं। राजकोषीय स्थिरता को कायम रखते हुए हम ऐसा करना जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने देश में एक नयी कार्य संस्कृति तैयार की है, जो जवाबदेह और पारदर्शी हो। इसी से दोगुनी गति से सड़कें और रेल लाइनें बन रही हैं। सरकार ने ऐसी कार्य संस्कृति तैयार की है, जो गरीबों और मध्यम वर्ग को तकनीकी मदद से उनका हक दिला रही है। उन्होंने कहा कि हम लोगों को ईमानदारी का माहौल देने का काम कर रहे हैं।
पीएम ने घोघा-दाहेज रोल-ऑन रोल ऑफ (रो-रो) फेरी सेवा का उद्घाटन करते हुए कहा कि नये भारत का आधार ज्यादा से ज्यादा ‘बंदरगाह अर्थव्यवस्था’ होगा। पीएम ने कहा कि हमारा मानना है कि सागरमाला प्रोजेक्ट से एक करोड़ नौकरियां मिलेंगी। भारत को ज्यादा और बेहतर बंदरगाह चाहिए। इसी से हम न्यू इंडिया का आधार रखेंगे, सपनों को साकार करेंगे।
व्यापारी डरें नहीं
जीएसटी को लेकर व्यापारी वर्ग की चिंता का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि व्यापारी डरें नहीं। जीएसटी के बाद पुराने खातों की जांच के नाम पर परेशान नहीं किया जाएगा। ईमानदारी के दम पर ही कमाई की जाती है।
पी फाॅर पी का मंत्र दिया
फेरी में सवार होकर 100 दिव्यांग बच्चों के साथ पहुंचे मोदी ने रैली में नया मंत्र दिया- पी फाॅर पी यानी पोर्ट फॉर प्रॉस्पेरिटी। मोदी ने कहा कि बंदरगाह समृद्धि के प्रवेश द्वार हैं और सागरमाला परियोजना इसी की एक झलक है। हमने इस परियोजना को साल 2035 की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया है।