Published On: Thu, Sep 7th, 2017

म्यांमार के साथ खड़ा है भारत : मोदी

PM Modi with Aung San Suu Kyiप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि म्यांमार जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, उनके बीच भारत उसके साथ खड़ा है। रखाइन प्रांत में हुई अतिवादी हिंसा को लेकर म्यांमार की चिंता को साझा करते हुए मोदी ने सभी पक्षों से देश की एकता का सम्मान करने वाला समाधान तलाशने का आग्रह किया। मोदी ने म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से व्यापक बातचीत की और इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों की जमीनी और समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और स्थिरता बनाये रखना महत्वपूर्ण है। दोनों नेताओं ने आतंकवाद से लड़ने और सुरक्षा सहयोग मजबूत करने का भी संकल्प लिया।
मोदी की पहली द्विपक्षीय म्यांमार यात्रा ऐसे समय में हुई है जब म्यांमार सरकार सवा लाख रोहिंग्या मुस्लिमों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय दबाव का सामना कर रही है। रखाइन प्रांत में म्यांमार की सेना की कार्रवाई के 2 सप्ताह बाद सवा लाख रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश चले गये हैं। इससे पहले रोहिंग्या आतंकवादियों  रखाइन प्रांत में पुलिस चौकियों पर हमले किये थे जिनमें 12 सुरक्षाकर्मी मारे गये थे। मोदी ने सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि पड़ोसी होने के नाते दोनों देशों की समान सुरक्षा चिंताएं हैं। आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए सू की ने कहा, ‘हम मिलकर सुनिश्चित करेंगे कि हमारी या पड़ोसी देशों की जमीन में आतंकवाद जड़ें नहीं जमा पाए।’ म्यांमार की नेता ने आतंकवाद पर सख्त रुख अख्तियार करने के लिए भी भारत का शुक्रिया अदा किया।

दोनों देशों के बीच 11 समझौते
मोदी और सू की, की बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच समुद्री सुरक्षा, म्यांमार में लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, स्वास्थ्य और सूचना प्रौद्योगिकी समेत विभिन्न क्षेत्रों में 11 समझौते हुए। मोदी ने म्यांमार के उन नागरिकों को मुफ्त वीजा देने का फैसला किया है जो भारत आना चाहते हैं।