Published On: Wed, Jul 12th, 2017

इस बार सावन में पांच सोमवार की पूजा का महत्व

शिव पूजासावन के पवित्र महीने की महिमा अनूठी है, हर बार यह शिवभक्तों पर अपनी कृपा बरसाता है। भगवान भोलेनाथ के भक्तों के पास उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का इससे बेहतर अवसर कोई और नहीं होता है। सावन का महीना भगवान भोलेनाथ को समर्पित रहता है। इस बार सावन का महीना सोमवार से प्रारंभ होकर सावन मास की पूर्णिमा सोमवार को ही संपन्न होगा। इस बार सावन में पांच सोमवार हैं। यह भगवान शिव को समर्पित शुभकर्मो के लिए बेहद सुखद संयोग बना है। सावन के सोमवार में भगवान शंकर की पूजा का विशेष महत्व होता है। यही कारण है कि इस बार सावन के पांच सोमवार होने से इस पूजा का महत्व और अधिक बढ़ गया है। भगवान शंकर के पांच मुख हैं और शिवपुराण में भगवान शंकर ने कहा है कि मेरे पांच कृत्य हैं। इसमें सृष्टि, पालन, तिरोभाव, अनुग्रह और संहार शामिल हैं। यह पांच मुख और पांच कृत्य मानव के पांच शत्रुओं काम, क्रोध, लोभ, मोह एवं अहं का नाश करने में सहयोगी सिद्ध होते हैं। हमारा शरीर पांच तत्वों का बना हुआ है। ईश्वर को जब भी कोई चीज अर्पित की जाती है तो उनकी संख्या भी पांच ही रहती है जैसे: पंचफल, पंचपल्लव, पंचमेवा और पंचामृत आदि अनेक उदाहरण हैं। इस बार सावन के पांच सोमवार में शिव पूजन एवं आराधना के साथ शिव¨लग अभिषेक का विशेष महत्व रहेगा।