Published On: Wed, Apr 25th, 2018

आसाराम का असली नाम असुमल, यूं बना 10 हजार करोड़ की संपत्ति का मालिक

जयपुर। नाबालिग के साथ रेप के मामले जोधपुर की एक अदालत स्वयंभू बाबा आसाराम के खिलाफ आज अपना फैसला सुनाएगी। आसाराम इन दिनों जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। माना जा रहा है कि आसाराम को इस मामले में 10 साल तक की सजा हो सकती है। आसाराम पर इसके आलावा दो बच्चों की नरबलि, सूरत की दो बहनों के बलात्कार और 9 गवाहों पर हुए जानलेवा हमलों में 3 की हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। आपको बता दें कि रेप के आरोपी आसाराम के पास न भक्तों की कमी है और न ही पैसे की। आसाराम ट्रस्ट से जुड़े लोगों का दावा है कि उनके विश्वभर में करीब 4 करोड़ भक्त हैं और गुजरात पुलिस की मानें तो स्वयंभू बाबा के पास 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है।

आसाराम के चार करोड़ अनुयायी

आसाराम के आश्रमों की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक दुनिया भर में उनके 4 करोड़ अनुयायी हैं। इसके आलावा उनके दुनिया भर में 400 से ज्यादा आश्रम भी हैं। आसाराम की पहुंच बढ़ाने के लिए उनके बेटे नारायण साईं ने भी खुद को अध्यात्म के हवाले कर दिया था। जानकार बताते हैं कि आसाराम ने अपने कार्यक्रमों के दौरान मुफ्त भोजन जैसी सुविधाएं शुरू की थीं जिससे कमज़ोर तबके के लोग बड़ी संख्या में उनके अनुयायी बन गए। इसके अलावा आसाराम के गुजरात और मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में स्थित आश्रम मुफ्त देशी दवाएं भी बांटते हैं जिससे इलाके के लोग बड़ी संख्या में इन आश्रमों में जाने लगे।

दस हजार करोड़ की संपत्ति

आसाराम के पास दस हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति है। पुलिस ने बताया कि अकूत संपत्ति के मालिक आसाराम की देशभर में जमीनें हैं, जिसकी कीमत अभी आंकी नहीं गई है। यह आंकड़ा वर्ष 2014 का है और वर्ष 2018 में आसाराम की संपत्ति की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। सूरत पुलिस के मुताबिक आसाराम के आश्रमों पर छापे के दौरान मिले दस्तावेजों की जांच में साबित हुआ कि उनके आश्रमों के पास बैंक खातों और अन्य इन्वेस्टमेंट के रूप में 9,000 से 10,000 करोड़ रुपये तक की दौलत है। उसने बताया कि 10,000 करोड़ रुपये में जमीन की कीमत शामिल नहीं हैं। गुजरात में आसाराम की 10 जिलों में 45 स्थानों पर जमीन है। इसके अलावा राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के आठ जिलों में 33 जगहों पर आसाराम की जमीनें हैं। इसके अलावा सूरत के इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं के पास 2500 करोड़ रुपये की ऐसी संपत्ति का पता लगाया है जिसका ब्यौरा ही कहीं दर्ज नहीं था। उन्हें यह जानकारी आसाराम के अहमदाबाद स्थित आश्रम से मिले 42 बैग में भरे दस्तावेजों से मिली थी। इस खुलासे के बाद डिपार्टमेंट ने आसाराम और उनके बेटे पर 750 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके अलावा आसाराम के कई आयुर्वेदिक प्रॉडक्ट बाजार में बेचे जाते थे।

कभी ये नेता भी थे आसाराम के शिष्य

आसाराम उन कुछ अध्यात्मिक गुरुओं में शुमार रहे हैं जिनके अनुयायी कांग्रेस और बीजेपी दोनों के ही शीर्ष नेता रहे हैं। बापू के शिष्यों में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के लालकृष्ण आडवाणी, नितिन गडकरी, दिग्विजय सिंह, कमल नाथ और मोतीलाल वोरा जैसे नाम शामिल रहे हैं। इन सबके आलावा शिवराज सिंह चौहान, उमा भारती, रमण सिंह, प्रेम कुमार धूमल और वसुंधरा राजे भी बापू के आश्रम जाते रहे हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गुजरात के सीएम होने के दौरान कई बार आसाराम के आश्रम में होने वाले कार्यक्रमों में शिरकत करते रहे हैं। हालांकि साल 2008 में जब आसाराम के मुटेरा आश्रम में दो बच्चों के नरकंकाल बरामद हुए तो ज़्यादातर नेताओं और राजनीतिक पार्टियों ने उनसे दूरी बना ली।

कौन है आसाराम?
आपको बता दें, आसाराम का असली नाम असुमल हरपलानी है। 17 अप्रैल 1941 को आसाराम का जन्म पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हुआ था। आसाराम देश विभाजन के बाद अहमदाबाद चले आए। बताते हैं कि आसाराम ने मात्र कक्षा 3 तक पढ़ाई की है और शादी से 8 दिन पहले वह 15 साल की उम्र में घर छोडक़र एक आश्रम चले गए। उन्होंने वर्ष 1964 में संत श्री आसारामजी महाराज की उपाधि धारण की। बस यहीं से असमुल का नाम आसाराम हो गया। साल 1972 में आसाराम ने अहमदाबाद से लगभग 10 किलोमीटर दूर मुटेरा कस्बे अपना पहला आश्रम शुरू किया।

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