सुप्रीम कोर्ट का राज्य सरकारों निर्देश,जिले में तैनात करें नोडल अफसर

supreme-courtसुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि गौ रक्षा के नाम पर हिंसा रोकें। कोर्ट ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को डीजीपी के साथ मिलकर हाईवे पर पुलिस पेट्रोलिंग को लेकर रणनीति बनाने के निर्देश भी दिए हैं। कोर्ट ने हर जिले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अमिताव राय और जस्टिस एएम खानविलकर की बेंच ने राज्यों से स्थिति रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया। अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। कोर्ट ने केंद्र से कहा कि वह इस तर्क पर जवाब दाखिल करे कि क्या वह संविधान के अनुच्छेद 256 के अंतर्गत सभी राज्यों को कानून व्यवस्था से संबंधित मुद्दे पर निर्देश जारी कर सकती है। शीर्ष अदालत महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में गौ रक्षा के नाम पर होने वाली हिंसा पर अंकुश के उपाय करने का राज्य सरकारों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। तुषार गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इन्दिरा जयिसंह ने गौ मांस रखने या इसका सेवन करने या इसे ले जाने के नाम पर हिंसक भीड़ द्वारा लोगों को पीट-पीट कर मार डालने की घटनाओं की ओर न्यायालय का ध्यान आकर्षित कराया। उन्होंने सालिसीटर जनरल रंजीत कुमार द्वारा पहले दिये गये उस वक्तव्य का भी जिक्र किया कि केंद्र सरकार लोगों द्वारा कानून अपने हाथ में लेने की घटनाओं का समर्थन नहीं करती है। गांधी के अलावा कांग्रेस के नेता तहसीन पूनावाला ने भी इसी मुद्दे पर एक याचिका दायर कर रखी है। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने 6 राज्यों-गुजरात, राजस्थान, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। वहीं केंद्र सरकार ने कहा था कि ये कानून व्यवस्था का मामला है और राज्य सरकारें ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही हैं।

स्वघोषित गौरक्षकों पर लगाम लगेगी : कांग्रेस
कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि इस निर्देश से स्वघोषित गौरक्षकों पर लगाम लगेगी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘सुप्रीम कोर्ट का निर्णय स्वागतयोग्य है। किन्तु क्या प्रधानमंत्री एवं भारत सरकार इन गुंडों की फौज की जवाबदेही तय कर राजधर्म का पालन करेंगे।’ उन्होंने उम्मीद जतायी कि भाजपा संविधान के मूल्यों की रक्षा का अपना दायित्व निभायेगी तथा अपने कृत्यों के कारण पैदा हुई समस्या से निबटने के लिए कार्ययोजना तैयार करेगी।